गौमूत्र कि किमत 2019

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नई दिल्लीपौराणिक कथाओं में कहा गया है कि कामधेनु का दूध अमूत समान था और इस गाय के दर्शन मात्र से सभी इच्छाओं को पूरा किया जा सकता था. लेकिन अब राजस्थान के गौपालकों के लिए गायें कामधेनु की तरह बन गई हैं.

अब इसका दूध ही नहीं गौमूत्र की भी बाजार में भारी मांग है. इसके चलते गौपालकों को दोहरी कमाई हो रही है. अच्छी नस्ल की गायों यानी गिर और थरपारकर के गौमूत्र की थोक बाजार में कीमत 15 से 30 रुपये प्रति लीटर मिल रही है, जबकि राजस्थान में गाय का दूध का 22 से 25 रुपये लीटर में उपलब्ध है.

ऑर्गेनिक खेती में हो रहा इस्तेमाल
जयपुर के रहने वाले कैलाश गुज्जर ने ऑर्गेनिक तरीके से खेती करने वालों को गौमूत्र बेचना शुरू कर दिए हैं. उन्होंने दावा किया है कि दूध के अलावा गौमूत्र बेचने से उनकी कमाई में 30 फीसदी बढ़ी है. ऑर्गेनिक खेती का प्रचलनकई राज्य में काफी बढ़ा है. ऐसे में किसान पेस्टिसाइड्स के विकल्प के तौर पर गौमूत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग दवाइयों के रूप में भी गौमूत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं कुछ लोग रीति-रिवाजों में भी इसका प्रयोग कर रहे हैं.

एक बूंद भी गौमूत्र नहीं होने देते बर्बाद

गुज्जर कहते हैं कि अब उन्होंने अपनी पूरी दिनचर्या बदल दी है. अब वह सुबह से शाम तक इस पर नजर बनाए रखते हैं कि गौमूत्र बर्बाद न हो और वह जमीन पर न गिरे. वह कहते हैं, गाय हमारी माता है. तो पूरी रात जागने में भी बुरा नहीं लगता है. वह बताते हैं कि वह पिछले 20 साल से दूध का कारोबार कर रहे हैं.


पतंजली के गोवर्धन अर्क का मूल्य 100 रुपए से ज्यादा
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि भी देशभर मे अपने आउटलेट्स के जरिए गोमूत्र की बिक्री करती है, इसके अलावा कंपनी अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए भी गोमूत्र बेचती है। कंपनी की ई-कॉमर्स वेबसाइट के मुताबिक गोमूत्र से तैयार होने वाले दिव्य गोवर्धन अर्क की 450 मिलीलीटर बोतल की कीमत 40 रुपए है, यानि एक लीटर की कीमत 100 रुपए से ऊपर बैठती है।

गौमूत्र के धंधे में दूध से ज्‍यादा तेजी !

गौमूत्र से बना फिनाइल अपनाएं.

दुर्गापुरा की फैक्ट्री में रोजाना करीब 2000 लीटर गोमूत्र तैयार हो रहा है जिसे गर्म करके अमोनिया निकालकर, पैक कर बाजार में भेजा जाता है. बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जो ताजा गौमूत्र पीने के लिए गौशाला आते हैं. उनका कहना है कि रोजाना के गौमूत्र सेवन से उन्हें रोगों से मुक्ति मिली है.
अगर हम पिछले 13 साल के गौमूत्र की बिक्री के आंकड़े देखें तो 2005 में पूजा पाठ के लिए 80 हजार रूपए तक की बिक्री राजस्थान में होती थी, लेकिन आजकल एक करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री हर महीने हो रही है. पिछले साल तक गौमूत्र की खपत करीब 50 हजार लीटर के आसपास थी लेकिन इस साल 5 लाख लीटर हो गई है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कितनी बड़ी संख्या में लोग गौमूत्र का सेवन कर रहे हैं.
गौमूत्र की बिक्री के साथ ही गाय पालने वालों की संख्या भी बढ़ रही है क्योंकि दूध के अलावा गौमूत्र का फायदा लोगों को मिल रहा है. अक्षय पात्र फाउंडेशन तो गौमूत्र को लेकर यह प्रचारित कर रहा है कि वेद के अनुसार गीर गाय के मूत्र में स्वर्ण भस्म मिलता है. हरे कृष्णा मूवमेंट के राधाप्रिय दास जो इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर हैं वो कहते हैं कि गीर गाय के स्वर्ण ऊष्म के प्रयोग से मानव बलिष्ठ बनता है.
गौमूत्र का धंधा बढ़ने से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल रहा है. गौशाला के आस-पास के गांव में गौशाला वालों ने गांव वालों को रोजगार दिया है. सुबह-सुबह गौमूत्र इकट्ठा करके लाएं. यह गोमूत्र 25 से 30 रूपए लीटर गौशाला को लोग बेचते हैं. एशिया की सबसे बड़ी गौशाला माने जाने वाले पथमेड़ा गोशाला ने तो हजार किसानों को गौ मूत्र कलेक्शन के लिए जोड़ रखा है. पथमेड़ा गौशाला के लड़के-लड़कियां सुबह-सुबह बाल्टी लेकर गोमूत्र इकट्ठा करते हैं.
गौमूत्र में कितना स्वर्ण भस्म मिल रहा है ये तो पता नही. लेकिन गौमूत्र बनाने वाली कंपनियों को कुबेर का खजाना हाथ लग गया है.

लखनऊ। वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर मशीनों से खेलना चाहते थे, लेकिन आज वह पढ़ाई छोड़कर किसानों का भविष्य संवारने में जुटे हैं। 25 साल के लोकेंद्र पाटीदार ने इस कड़ी में ‘फार्मिंग डोर फॉर डिजिटल फार्मर’ नाम की एप्लीकेशन विकसित की है, जिसके जरिए गाय पालक गोमूत्र बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं।

मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले लोकेंद्र पाटीदार ने दो महीने पहले ही इस एप्लीकेशन को विकसित किया है। उनकी मानें तो अब तक साढ़े तीन हजार किसान इस एप्लीकेशन से जुड़ चुके हैं। लोकेंद्र बताते हैं, “लोग दूध के लिए गाय का इस्तेमाल करते हैं, उसके बाद छोड़ देते हैं। इस एप्लीकेशन को बनाने का यही उद्देश्य है कि लोग गाय को पालें और उसके गोमूत्र को बेचकर भी लाभ कमाएं।”

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लोकेंद्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर किसानी से भी जुड़ गए है। ऐप के बारे में लोकेंद्र बताते हैं, “इस ऐप को किसी भी एंड्रॉयड फोन में डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप के जरिए किसानों को सीधे पैसा मिलेगा। अभी किसान बिचौलियों के चक्कर के फंस जाता है और उसे पैसा नहीं मिल पाता है। हमारे इस ऐप के जरिए किसानों की सीधे बात होगी और उसके खाते में पैसा भेजा जाएगा।”

इस एप्लीकेशन में गोमूत्र के अलावा पशुओं को भी उचित दामों पर बेच सकते हैं। गोमूत्र की बढ़ती डिमांड के बारे में लोकेंद्र बताते हैं, “देश-विदेश में गोमूत्र की मांग लगातार बढ़ रही है। कई संस्थाएं इनसे बने उत्पाद बनाकर विदेशों में बेच रही हैं। शोध में भी यही निकला है कि इसके सेवन से कई बीमारियों का इलाज होता है।

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बहुत लोग और संस्थाएं इसके जरिए गोमूत्र खरीद रही हैं।” अनुसंधान केंद्र के कोऑडिनेटर सुनील मनसिंहक बताते हैं, “हमारे यहां जो भी गोवंश है, वह सैकड़ों लोगों को रोजगार दे रहा है। हमारे संस्थान में गोबर और गोमूत्र से अमृत पानी, गोमूत्र और नीम मिश्रण, वर्मी कम्पोस्ट किसान की आय को चार-पांच गुना बढ़ा रहे है।”

वीडियो- 60 रुपए लीटर बिकता है इन देसी गाय का दूध , गोबर से बनती है वर्मी कंपोस्ट और हवन सामग्री

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  2. Very good information share
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